धामी कैबिनेट का बड़ा फैसला, 8 अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर, ग्रीन हाइड्रोजन नीति को हरी झंडी

Uttarakhand Cabinet Meeting

Uttarakhand Cabinet Meeting

देहरादून: Uttarakhand Cabinet Meeting: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न हो गई है. सचिवालय में सुबह 11 बजे से शुरू हुई मंत्रिमंडल की बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली. मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान कुल 8 प्रस्तावों पर मुहर लगी है. धामी मंत्रिमंडल की बैठक शुरू होने से पहले महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के विमान दुर्घटना में निधन पर दुःख व्यक्त किया गया. साथ ही विमान दुर्घटना में दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया.

कैबिनेट बैठक के मुख्य बिंदु: चिकित्सा स्वास्थ्य परिवार कल्याण विभाग के स्वास्थ्य कार्यकर्ता और स्वास्थ्य पर्यवेक्षक सेवा नियमावली 2026 को मंजूरी मिली है. वहीं, राजस्व विभाग के तहत उत्तराखंड राज्य में आपसी समझौते के आधार पर भूमि मालिकों से परियोजनाओं के लिए भूमि की प्रति किए जाने की प्रक्रिया का निर्धारण किया गया है.

अन्य फैसले-

  • उधम सिंह नगर स्थित प्राग फॉर्म की 1354.14 एकड़ भूमि को औद्योगिक आस्थान विकसित किए जाने के लिए सिडकुल को ट्रांसफर करने को लेकर जारी शासनादेश में किया गया संशोधन.
  • जनजाति कल्याण विभाग की योजनाओं के संचालन के लिए, अनुसूचित जनजाति बाहुल्य जिलों देहरादून चमोली उधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ में विभागीय योजनाओं के संचालन और बेहतर ढंग से लागू करने के लिए पदों की आवश्यकता को देखते हुए विभागीय ढांचों में पुनर्गठन को मिली सहमति.
  • उत्तराखंड जनजाति कल्याण राजपत्रित अधिकारी सेवा (संशोधन) नियमावली, 2025 के प्रख्यापन को मंजूरी. विभागीय ढांचे के संशोधन को मिली मंजूरी.
  • उत्तराखंड राज्य में गैर कृषिकारी उपयोग के लिए भूजल के निकास पर जल मूल्य/ प्रभार की दरों को लागू करने का निर्णय.
  • राज्य में हरित हाइड्रोजन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2026 के प्रख्यापन को मिली मंजूरी.

शिक्षा को लेकर फैसला: उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2023 में संशोधन किया गया है. जीआरडी उत्तराखंड नाम से एक विश्वविद्यालय खोले जाने को लेकर मंत्रिमंडल से मंजूरी मिली है. वहीं, गौचर और चिल्यालीसौड़ हवाई पट्टी को भारतीय वायुसेना रक्षा मंत्रालय और उत्तराखंड सरकार के बीच उच्च स्तरीय बैठकों में सहमति के आधार पर संयुक्त रूप से नागरिक व सैनिक संचालन के लिए एडवांस लैंडिंग ग्राउंड लीक के आधार पर रक्षा मंत्रालय को ट्रांसफर करने पर सहमति बनी है.